करूमौहा अपहरण मामला गहराया, मतदान के दिन भी लापता पंच परिवार अब पुलिस भी संपर्क न होने की कर रही बात,

कोरबा। करूमौहा पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव से पहले कथित अपहरण का मामला अब और गंभीर हो गया है। हैरानी की बात ये है कि मतदान के दिन भी लापता पंच और उसके परिवार का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

करूमौहा पंचायत में सरपंच के खिलाफ 25 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होना है। लेकिन इससे पहले ही महिला पंच निर्मला और उनके दो बच्चों के अगवा होने का आरोप सामने आया। अब तक पंच और उनके बच्चों से कोई सीधा संपर्क नहीं हो पाया है।

मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई, जिसके बाद जांच के निर्देश दिए गए। रजगामार चौकी प्रभारी लक्ष्मण खूंटे गांव पहुंचे और पूछताछ की। उन्होंने पंच निर्मला के पति से बातचीत कराने का प्रयास भी किया।

मंगलवार को चौकी प्रभारी खुद करूमौहा पहुंचे और वीडियो कॉल के जरिए परिजन से उनके बेटे की बात करवाई। बातचीत के दौरान बच्चा डरा-सहमा नजर आया और मां व भाई-बहनों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका।

अब सबसे बड़ा सवाल उस मोबाइल नंबर को लेकर खड़ा हो गया है, जिससे अब तक बातचीत कराई जा रही थी। जब न्यूज़ टीम ने इस नंबर की जानकारी मांगी, तो थाना प्रभारी गोलमोल जवाब देते नजर आए।

चौंकाने वाली बात ये है कि जिस नंबर पर पुलिस संपर्क होने का दावा कर रही थी, अब उससे भी संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। खुद प्रभारी का कहना है कि बीते दिन से पंच या उसके परिवार से कोई बात नहीं हो पाई है।

इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। एक जनप्रतिनिधि और उसके बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इतने गंभीर मामले में अब तक कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है।

वहीं गांव में चर्चा है कि पुलिस सिर्फ अवैध शराब बेचने वालों पर कार्रवाई तक सीमित नजर आ रही है, जबकि इस संवेदनशील मामले में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।

बताया जा रहा है कि सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में हार की आशंका के चलते इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया हो सकता है। ऐसे में पंच का गायब होना चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

फिलहाल पंच और उसके बच्चों की लोकेशन और सुरक्षा को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। अब देखना होगा कि पुलिस इस पूरे मामले में कब तक सच्चाई सामने लाती है और क्या पंच परिवार सुरक्षित वापस लौट पाता है।करूमौहा पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव से पहले कथित अपहरण का मामला अब और गंभीर हो गया है। हैरानी की बात ये है कि मतदान के दिन भी लापता पंच और उसके परिवार का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

करूमौहा पंचायत में सरपंच के खिलाफ 25 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होना है। लेकिन इससे पहले ही महिला पंच निर्मला और उनके दो बच्चों के अगवा होने का आरोप सामने आया। अब तक पंच और उनके बच्चों से कोई सीधा संपर्क नहीं हो पाया है।

मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई, जिसके बाद जांच के निर्देश दिए गए। रजगामार चौकी प्रभारी लक्ष्मण खूंटे गांव पहुंचे और पूछताछ की। उन्होंने पंच निर्मला के पति से बातचीत कराने का प्रयास भी किया।

मंगलवार को चौकी प्रभारी खुद करूमौहा पहुंचे और वीडियो कॉल के जरिए परिजन से उनके बेटे की बात करवाई। बातचीत के दौरान बच्चा डरा-सहमा नजर आया और मां व भाई-बहनों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका।

अब सबसे बड़ा सवाल उस मोबाइल नंबर को लेकर खड़ा हो गया है, जिससे अब तक बातचीत कराई जा रही थी। जब न्यूज़ टीम ने इस नंबर की जानकारी मांगी, तो थाना प्रभारी गोलमोल जवाब देते नजर आए।

चौंकाने वाली बात ये है कि जिस नंबर पर पुलिस संपर्क होने का दावा कर रही थी, अब उससे भी संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। खुद प्रभारी का कहना है कि बीते दिन से पंच या उसके परिवार से कोई बात नहीं हो पाई है।

इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। एक जनप्रतिनिधि और उसके बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इतने गंभीर मामले में अब तक कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है।

वहीं गांव में चर्चा है कि पुलिस सिर्फ अवैध शराब बेचने वालों पर कार्रवाई तक सीमित नजर आ रही है, जबकि इस संवेदनशील मामले में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।

बताया जा रहा है कि सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में हार की आशंका के चलते इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया हो सकता है। ऐसे में पंच का गायब होना चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

फिलहाल पंच और उसके बच्चों की लोकेशन और सुरक्षा को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। अब देखना होगा कि पुलिस इस पूरे मामले में कब तक सच्चाई सामने लाती है और क्या पंच परिवार सुरक्षित वापस लौट पाता है।

Related Articles

Back to top button