10 साल से लकवाग्रस्त युवक ने मांगी इच्छा मृत्यु, इलाज और CBI जांच की गुहार

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम देवपुर निवासी शशिकांत भरत ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर और स्थानीय विधायक से इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए न्याय और इलाज की गुहार लगाई है।
शशिकांत के अनुसार, वर्ष 2016 में वह धमतरी के भटगांव आईटीआई में कंप्यूटर ट्रेड की पढ़ाई कर रहे थे। 11 नवंबर 2016 को छुट्टी के दौरान घर लौटते समय दुकली (गचकन्हार) गांव के पास उन पर कथित रूप से अज्ञात लोगों ने जानलेवा हमला किया। परिवार का आरोप है कि गंभीर रूप से घायल शशिकांत करीब तीन महीने तक कोमा में रहे। होश आने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सर्वाइकल स्पाइनल इंजरी का मरीज बताया, जिसके कारण उनका पूरा शरीर लकवाग्रस्त हो गया।
परिजनों का कहना है कि घटना के समय नोटबंदी का दौर था। बेटे के इलाज के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ा और आज भी परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। उनका आरोप है कि पुलिस ने मामले को दुर्घटना मानते हुए आगे कार्रवाई नहीं की, जबकि परिवार हमले की निष्पक्ष जांच की मांग करता रहा।
शशिकांत का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मदद मांगी, पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस सहायता नहीं मिल सकी। उनका कहना है कि महंगे इलाज के अभाव में उनकी स्थिति लगातार बनी हुई है और परिवार भी पूरी तरह टूट चुका है।
इसी वजह से शशिकांत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कलेक्टर अविनाश मिश्रा और विधायक अंबिका मरकाम से इच्छा मृत्यु देने या फिर उनके इलाज और मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी न्याय दिलाने और इलाज में सहयोग की अपील की है।



